महा-संकट का डबल अटैक! निफ्टी 25,000 के नीचे और IT सेक्टर की हालत खस्ता

दोस्तों, अभी भारतीय शेयर मार्केट का माहौल कुछ ऐसा है जैसे किसी बड़े झटके के बाद गहरी खामोशी छा गई हो।
वो 25,000 का लेवल जिसे बचाने के लिए सारे बुल्स पूरी जान लगा रहे थे, आखिरकार टूट गया। और मज़े की बात ये है कि ये गिरावट कोई छोटी-मोटी प्रॉफिट बुकिंग वाली नहीं है। इसके पीछे एक ऐसा खतरा है जो हमारे मार्केट की जड़ें हिला सकता है।

और सबसे बुरी ख़बर – ये खतरा सीधे हमारे IT सेक्टर पर आ रहा है। जी हां, वही IT सेक्टर जो निफ्टी की सबसे बड़ी ताकतों में से एक है। और ये सब खेल बिगाड़ रहा है अमेरिका का नया प्लान – US HIRE Act.

असली डर: ट्रंप की चाल और ‘हायर एक्ट’ का खतरा

अब सवाल ये है कि आखिर इतना डर क्यों फैला हुआ है?
तो भाई, कहानी सीधी है। अमेरिका में चुनावी माहौल और राजनीति का तगड़ा ड्रामा चल रहा है, और इसका असर हमारे IT सेक्टर पर सीधा पड़ रहा है।

  • H-1B वीज़ा पर सख्ती: सबसे पहले खबर आई कि H-1B वीज़ा की शर्तें और टफ हो रही हैं। मतलब, भारतीय कंपनियों के लिए अमेरिका में लोगों को भेजना और काम करवाना पहले से ज्यादा मुश्किल।
  • US HIRE Act: अब आई बारी सबसे बड़े खतरे की। अगर ये बिल पास हो गया, तो अमेरिकी कंपनियों को भारतीय IT कंपनियों से काम लेने पर 25% तक का टैक्स देना पड़ेगा।
    सोचो ज़रा – कोई भी क्लाइंट इतना टैक्स क्यों भरेगा? सीधा असर ये होगा कि कंपनियां भारतीय IT को छोड़कर लोकल या किसी और देश की सर्विस चुन लेंगी।

यानी ये एक्ट अगर सच में लागू हो गया तो इंडियन IT सेक्टर की कमाई, मुनाफा और नौकरियां – सब पर बड़ा संकट मंडरा जाएगा।

IT सेक्टर की दोहरी मार: मार्केट पर दबाव + FII की बिकवाली

IT सेक्टर पर ये खतरा वैसे ही बहुत भारी था, ऊपर से दो और तगड़े झटके लगे हैं।

  1. निफ्टी पर सबसे बड़ा दबाव
    IT सेक्टर निफ्टी 50 में दूसरा सबसे बड़ा वेटेज रखता है। जब इतना बड़ा सेक्टर गिरता है, तो बाकी मार्केट चाहकर भी संभल नहीं पाता।
    और याद रखो – हमारी IT कंपनियों की 50–60% कमाई सिर्फ अमेरिका से आती है। तो वहां कोई भी राजनीतिक हलचल हमें सबसे पहले हिट करती है।
  2. FII की लगातार बिकवाली
    विदेशी निवेशक यानी FIIs तो जैसे मौका ढूंढकर भागने लगे हैं।
    • Infosys: कभी FIIs की होल्डिंग 36% थी, अब 32% से भी नीचे।
    • TCS: पहले 13% थी, अब 11.5% के पास।
    ये आंकड़े साफ दिखाते हैं कि बड़े खिलाड़ी IT सेक्टर में रिस्क देखकर पैसा निकाल रहे हैं।

अब निवेशकों को क्या करना चाहिए?

दोस्तों, सच्चाई ये है कि ये ऐसा संकट है जिस पर हमारा कंट्रोल नहीं है। चाहे कितनी भी एनालिसिस कर लो, असली फैसला अमेरिका के हाथ में है।

  • Wait & Watch: इस वक्त घबराकर अच्छे स्टॉक्स बेचने से बचो।
  • Clarity का इंतज़ार: जब तक US HIRE Act पर पिक्चर क्लियर नहीं होती, मार्केट में टिकाऊ तेजी आना मुश्किल है।
  • बड़ा नज़रिया रखो: एक-दो दिन की तेजी या गिरावट में मत फंसो। समझो कि IT सेक्टर पर अभी ब्रेक लगा है, और ये तब हटेगा जब पॉलिटिकल ड्रामा थमेगा।

आख़िरी बात

ये वक्त थोड़ा मुश्किल ज़रूर है, लेकिन याद रखो – IT सेक्टर ने पहले भी कई झटके झेले हैं और हर बार वापसी की है। इस बार भी उम्मीद वही है। बस हमें धैर्य रखना होगा और सही मौके का इंतज़ार करना होगा।

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